28 दिसंबर 2017 - 17:16
अमेरिका विश्व का सबसे अत्याचारी देश।

हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने ईरान के ख़िलाफ़ पिछले कुछ सालों से जारी अमेरिका के षड़यंत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि अफ़सोस की बात है कि कुछ लोग जानबूझकर या अनजाने तौर पर दुश्मन के उद्देश्य के लिए काम करते हैं

अहलेबैत (अ )न्यूज़ एजेंसी अबनाः प्राप्त सूत्रों के अनुसार सुप्रीम लीडर हज़रत आयतुल्लाह ख़ामेनई ने ईरान के ख़िलाफ़ पिछले कुछ सालों से जारी अमेरिका के षड़यंत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि अफ़सोस की बात है कि कुछ लोग जानबूझकर या अनजाने तौर पर दुश्मन के उद्देश्य के लिए काम करते हैं।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने कहा कि दुश्मन पिछले 40 साल से हमारे जवानों से उम्मीद और सेल्फ़ रिस्पेक्ट छीन लेने के प्रोपगंडे कर रहा है।
लेकिन हर बार ईरान ने अमेरिका को नाक रगड़ने पर मजबूर किया है। अल्लाह की कृपा से आगे भी हम दुश्मन के मंसूबों को ख़ाक में मिला कर रहेंगे।
सुप्रीम लीडर ने कहा कि आज दुश्मन ने युद्ध के तरीक़े को बदल दिया है, वह सॉफ्ट वार पर उतर आया है और यह सैन्य मुक़ाबले से कहीं अधिक ख़तरनाक है।
उन्होंने इस्लामी शासन प्रणाली के प्रति साम्राज्यवदी शक्तियों की दुश्मनी की वजह बताते हुए कहा कि इस्लामी राष्ट्र ईरान ने पूरी दुनिया में असत्य व अत्याचारी शासन प्रणाली के चेहरे से नक़ाब हटाकर अंतर्राष्ट्रीय तौर पर यह बात साबित कर दी है कि एक समाज किसी पर धौंस जमाए बिना और किसी की धौंस में आए बग़ैर भी शांति एवं सुकून के साथ रह सकता है।
आयतुल्लाह ख़ामेनई ने अमेरिकी सरकार को विश्व की सबसे अधिक अत्याचारी सरकार बताते हुए कहा कि यह सरकार ग़ैर क़ानूनी सरकार यानि इस्राईल जैसे ज़ालिम देश का सहयोग करती है और यमन में नरसंहार करने वाले आले सऊद जैसे डिक्टेटर की सहयोगी है। और ज़ायोनी आतंकवादी  संगठनों की मदद करती है, जिससे उसका ज़ालिम चेहरा खुलकर सामने आ गया है।